मसूरी : लंढौर कम्युनिटी हॉस्पिटल, जिसकी स्थापना 1931 में एक मिशन अस्पताल के रूप में हुई थी, आज क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र है। 35 बिस्तरों वाला यह अस्पताल 24 घंटे आपातकालीन, ओपीडी और इन-पेशेंट सेवाएँ प्रदान करता है।
हाल ही में अस्पताल में नवनिर्मित मातृत्व इकाई (Maternity Ward) का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर Dr. पवित्रा सकारिया ने पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं नवजात सेवाओं की आवश्यकता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अस्पताल की देखभाल उपचार से अधिक रोकथाम-आधारित चिकित्सा पर केंद्रित है—जहाँ उच्च-जोखिम गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान, जटिलताओं की रोकथाम और नियमित जाँच के माध्यम से माँ और शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। साथ ही, विशेषज्ञ टीम नवीनतम मॉनिटरिंग एवं आधुनिक ऑपरेटिव उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे अधिकांश जटिलताओं का प्रभावी प्रबंधन संभव है।
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने हेतु नगर पालिका, अध्यक्ष मीरा सकलानी, सविता दास, जिला पंचायत की सदस्या, रजत कपूर, तराना कपूर, मीना कपूर, आभा सैली, तान्या सैली, वार्ड मेंमबर विशाल खरोला अन्य उपस्थित थे सम्मानित अतिथियों ने अस्पताल को बधाई दी और समुदाय के प्रति इसके सतत सेवा-भाव और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
अस्पताल में सिज़ेरियन सेक्शन, अल्ट्रासाउंड एवं कैंसर स्क्रीनिंग सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।
नई मातृत्व इकाई के प्रारंभ से लंढौर और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं स्त्री-रोग सेवाओं की पहुँच और अधिक सुदृढ़ हो गई है, जो स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर डॉ. जॉर्ज क्लेमेंस, डॉ. बीनू थॉमस, डॉ. आलम, और पूरा एलसीएच परिवार भी उपस्थित थे।
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