March 1, 2026

रवांई घाटी के ठकराल पट्टी में धूमधाम से मनाई गई देवलांग।

रिपोर्ट – प्रदीप सिंह असवाल

उत्तरकाशी/गंगटाड़ी : देवलांग उत्तरकाशी की रंवाई घाटी में मनाया जाने वाला एक ऐतिहासिक और पौराणिक पर्व है, जो दीपावली के ठीक एक महीने बाद आयोजित होता है। यह पर्व मुख्य रूप से बनाल पट्टी के गैर गाँव, ठकराल पट्टी के गंगटाड़ी और बजरी पट्टी के कुथनौर में मनाया जाता है। सात गांवों की ठकराल पट्टी मे देवलांग जंगल से देवदार के वृक्ष को काटकर क्षेत्र के आराध्य देव रघुनाथ देवता के प्रांगण में लाया जाता है,जहां पर क्षेत्रीय लोग इस पेड़ को लकड़ी के डंडों की सहायता से आग्नि जलाकर खड़ा करते हैं। देवलांग के खडे़ होते ही सभी लोग पूरी रात भर ढोल नगाड़ों की थाप पर रासो, तांदी नृत्य करते है , साथ ही लोग दूर-दूर से इस मेले को देखने के लिए मंदिर के प्रांगण में पहुंचते हैं, देवलांग के अवसर पर गंगटाड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष उत्तरकाशी रमेश चौहान, मनोज कोहली, रोहित जुड़ियाल, मनमोहन रावत, महावीर पंवार (माही), सुमन बडोनी उपस्थित रहे।


वहीं सांस्कृतिक संध्या मे लोकगायक अत्तर शाह, सुमन राणा, गणेश मसेटा, प्यार दास लोकगायिका संतोषी खत्री ने अपने मधुर गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर क्षेत्रीय लोग जमकर थिरके।
इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ग्राम प्रधान जगदेव, सुचिता, एम्पी चौहान, मदन दास, दीपेन्द्र, तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य अनुराग रावत , देवलांग मेला समिति अध्यक्ष मुकेश असवाल, समिति सदस्य गणेश सेमवाल, अनुराज रावत, ,आनंद राणा, नरेन्द्र राणा ,अमित सेमवाल, आदि समेत सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।